संविधान से जीना सीखो। संविधान से मरना सीखो।।
संविधान से बातें करना । संविधान को रटना सीखो।।
संविधान में सांस हमारी। संविधान से हंसना सीखो।।
संविधान में आस हमारी।। संविधान से न्याय मिलेगा।
इसमें हर अधिकार हमारा। संविधान घर बार हमारा।।
देश हमारा वेश हमारा। संविधान परिवेश हमारा।।
बहुत सो चुके अब तो जागो। संविधान का राग आलापो।।
अब भी समय पुकार रहा है ।कुंभकरण की नींद से जागो।।
संविधान को रटना सीखो। संविधान जीवन यात्रा हो।।
अपने पुरखों का प्रसाद यह। जन जन तक पहुंचाना है।।
शपथ उठा ले इसको लेकर। जीवन सफल बनाना है।।
@ Dr. Anil Kumar Shah Assit. Prof. S.S. Law College Shahjahanpur U. P.